...और जहां हर मन्नतें पूरी हो
-थावे वाली माई की महिमा
वैश्विक युग में भौतिकता को छोड़ कर जीवन को एकदम नये मिशन पर लगा देना, अपने आप में एक अद्ïभुत काम है। आधुनिक तकनीक को समझ-बूझ कर इसका उपयोग परिवार, गांव, संस्कृति और समाज को जोडऩे एकसूत्र में पिरोने के लिए कैसे किया जाए, दुनिया से कैसे तालमेल बैठाया जाए। इसी सोच को लेकर एक सधारण कद-काठी और सहज जीवन जीने वाले नौजवान ने पिछले कई वर्षों से अपने जीवन को होम कर रखा है। उस आदमी का नाम है, अजित तिवारी. आज जिस तरह से बाजार की तलाश में पश्चिमी देशों की नजर भारत की हर एक चीज पर है. उसमें अगर भारत की व्यवस्था के हर एक चीज को ऊपर उठाने के लिए दुनिया के साथ कदम से कदम मिला कर अपनी चीजों को आगे बढ़ाने के लिए अगर अजित तिवारी जैसा नौजवान कमर कस ले, तो मेरा मानना है कि हम फिर दुनिया के सिरमौर बन सकते हैं. देश अगर आज किसी चीज पर गर्व महसूस कर रहा है, तो वह है भारतीय की पारंपरिक व्यवस्था. दुनिया को भारत की इस सामाजिक पारंपरिक व्यवस्था से परिचित कराने का बीड़ा उठाया है अजित तिवारी ने. इस व्यवस्था की छोटी सी पहल ये वेबसाइट के माध्यम से कर रहे हैं. इनके साइट का नाम है http://www.jaimaathawewali.com
इन्होंने इस पर बिहार के गोपालगंज जिले की पावन धरती थावे और थावे वाली भवानी की विस्तार से चर्चा किया है।आइये, हम भी देखें और आप भी...
माई दुर्गा तिनु लोक में सर्वशक्तिमान हई, ब्रहमांड में मौजूद हर तरह के शक्ति माई के कृपा से ही मिलेला आवुर अंत में सारा शक्ति इनके में विलीन हो जाला एही से माई दुर्गा के आदिशक्ती भी कहल जाला देवता लोग भी जब राक्षसन से लडाई करत में अपना के कमजोर महसूस करे लागल तब माई दुर्गा के शरण में गईल लोग, माई प्रचंड रूप धारण करके राक्षस सब के संहार कईली आ धर्म के रक्षा कईली माई के अनके रूप और नाम बा, समय-समय पर माई अलग-अलग रूप अलग-अलग नाम से अवतार लेले बाड़ी और अधर्म ke नाश कइले बाड़ी माई के एही सब अनेक रूप-नाम में से एगो थावेवाली माई भी हई
थावेवाली माई असम का कामरूप से, जहवाँ कामख्या देवी के बड़ा प्राचीन आ भव्य मंदिर बा, थावे अईली एह से माई के कावरू-कामख्या देवी के नाम से भी जानल जाला थावे में रहषु जी माई कामख्या के एगो सच्चा भक्त रहनी बाकिर ओघरी के थावे के राजा मनन सिंह का एह बात में विश्वास ना रहे आ ऊ रहषु भगत जी के ढोंगी समझत रहलन एक दिन राजा मनन सिंह अपना जिद्द पर अड़ गईलन आ रहषु भगत जी के चुनौती दिहलन कि अगर तू देवी के असली भगत होखबऽ त अबहियें देवी के बोलाके देखावऽ, ना त तोहरा के दंड दिहल जाई. रहषु जी के बार-बार समुझवलो पर राजा मनन सिंह ना मनले, तब रहषु जी का लगे माई के बोलवला का अलावा दोसर कवनो राह ना रहे रहषु जी माई के सुमिरन कईनी, माई कामाख्या स्थान से चलली आ कलकाता , पटना, आमी होत थावे अईली आ साक्षात दर्शन दिहली. राजा मनन सिंह के राज-पाट सहित अंत हो गईल
माई जहाँ दर्शन देहली ओहिजे उहाँ के मन्दिर बनावल गईल. रहषुओ भगत के मन्दिर ओहिजे लगले बा. बगले में राजा मनन सिंह के महल के खँडहरो बा कहल जाला कि माई का दर्शन के बाद रहषुओजी के भी दर्शन करे के चाहीं, तबे माई खुश होखेली
माई बहुत दयालु आ कृपालु हई अपना शरण में आइल सभकर कल्याण करेली हर सुख-दुख में लोग माई का शरण में जाला आ माई केहूओ के निराश ना करेली सभकर मनोकामना पूरा करेली थावे में केहू का घरे शादी-बियाह होखे तबो लोग माई के आशीर्वाद लेबे जाला, कवनो दुःख-बेमारी होखे तबो लोग मई के शरण में जाला, केहू का कवनो गाड़ी-घोड़ा किनाला ता पहिला पूजा माईए कीहाँ होला माई हर घड़ी आ हर सुखदुख में अपना भगतन पर करुणा आ ममता के छाँह राखेली, सभकर मंगल करेली
देशो-विदेश में रहेवाला लोग जब साल-दूसाल पर अपना घरे आवेला तब ऊ थावेवाली माई के दर्शन करे जरुर आवेला बाकिर अफ़सोस एह बात के बा की अतना महत्व का बावजूद एह स्थान के सम्यक विकास नइखे भईल आम जनता आ प्रशासन के मिलजुल के एह स्थान के समुचित विकास के कोशिश करे के चाहीं जेहसे कि माई के स्थान विश्व का मानचित्र पर एगो महत्बपूर्ण दर्शनिय जगह बन जावे.
माई के महिमा के विश्व भर में प्रचार-प्रसार करे खातिर एगो वेबसाइट www.jaimaathawewali.com भी बनवाल गईल बा जवना से विश्व के कवनो कोना से इन्टरनेट में माध्यम से माई के बारे में पुरा जानकारी लेहल जा सकेला एह वेबसाईट पर जाके माई के कथा, कईसे पहुँची माई के दरबार में, माई के आरती-स्तुति, साल के व्रत-त्यौहार वगैरह बहुत जानकारी लेहल जा सकेला माई के फोटो देखल जा सकेला और भजन-कीर्तन के आंनंद भी लेहल जा सकेला रउरा एह विषय पर अतिथि पुस्तिका में आपन विचार भी व्यक्त कर सकिले
थावे के एगो मिठाई बड़ा प्रसिद्ध हां जवना के पिडुकिया कहल जाला, शुद्ध देशी घीव में बनेवाला ई मिठाई असली सवाद में ओहिजे मिलेला कबो थावे माई के दरशन करें आईं त पिडुकिया खाईल मत भुलाईं
जय थावेवाली माई के !
अजीत कुमार तिवारी

1 comment:
्जानकारी के लिए आभार।
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